javed shah khajrana
रविवार, 11 मई 2014
javed shah khajrana
कजलीगढ़ किला
_____________
तुम्हे याद करते - करते जायेगी रैन सारी ,
तुम ले गए हो अपने संग नींद भी हमारी !
मन है की जा बसा है ,
अंजान एक नगर में ___ khajrana
कजलीगढ़ किले का बाहरी हिस्सा ___ जावेद शाह Khajrana
नई पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)